जब तक लड़ेंगे नहीं तब तक जीतेगें भी नहीं

 

 क ई बार हमारे जीवन में ऐसी परिस्थितियां आकर खड़ी हो जाती है ∣ जो एक समय तक हमें उससे निकलने का कोई मार्ग ही नहीं दिखाती है ∣ हमें लगता है जैसे हमारी जिंदगी के

 सारे रंग उड़ से ग ए हैं ∣ अब जिंदगी में कोई रंग ही नहीं है

 जिसको लेकर हम बहुत दुखी हो जाते हैं ∣ ऐसे समय में हमारा मन किसी काम को लेकर होता ही नहीं है कि हम उसको पूरा करें तब हमारी जिंदगी में शुरू होता है आतंरिक और बाहरी कलह जो हम से बार बार जैसे कह रहा होता है कि हमें या तो  इस लड़ाई में जीतना है या हार जाना है ∣

 तब जिंदगी के हर अच्छे बुरे स्वाद को चखते हुए हम जानते कि जिंदगी यहीं तो है ∣ जहाँ आपको हर वो चीज मिल सकती है ∣ जिसे आप अपने परिश्रम से प्राप्त करते हैं ∣

 या जो आपको विरासत में मिली है किन्तु आप उसे लगातार बेहतर करने के लिए आज भी प्रयत्न शील है ∣

 जब हम जिंदगी के एक दूसरे अलसफे  को पढ़ते हैं जो हमें बताती है जिंदगी का अर्थ ही थोड़े दुख और सुख के साथ जीना  अपनी मंजिल को पाने के लिए हर उस परिस्थिति में काम करना है ∣ जिस परिस्थिति में लोग आप को उसके नाकाबिल समझते हैं ∣

 जिंदगी में लड़े खुद के अस्तित्व को बनाने के लिए भले इसके लिए आपको अपने सूकून से ही क्यों समझौता करना हो ∣

Comments