पहचानने में गलती

 



अक्सर हम किसी व्यक्ति के अच्छे बुरे का चयन उसके दैनिक व्यवहार से करने लगते हैं ∣ जिसमें हम उसके सभी पहलुओं को तो जैसे देखना ही भूल  जाया करते हैं ∣ 

 तब एक समय के बाद परिस्थितियां ऐसे बदलती है कि हमारे  उस व्यक्ति के प्रति  विचार ही बदल जाते हैं ∣ 

जब हमें ये मालूम चलता हैउसके व्यवहार का कारण क्या है


 जिंदगी को जीते- जीते कुछ लोग अति गम्भीर हो जाते हैं ∣ तो कुछ जिंदगी के हर अनुभव लेने के बावजूद जिंदगी जीने के अपने नजरिये में कोई बदलाव नहीं करते हैं जिंदगी को खुलकर जीते हैं ∣ 

अक्सर ऐसे लोगों को देखकर हमें लगता है कि इनकी जिंदगी में तो कोई भी परेशानी नहीं है सिर्फ ये तो जिंदगी को जी रहे हैं

जबकि  सच्चाई  इसके उलट होती है ∣ ये ऐसे लोग जिंदगी की इतनी परेशानी झेल चूके होते है कि उन्हें अब दुखी रहने का कोई कारण ही नहीं समझ आता, क्योंकि वो जिंदगी के उस रूप को देख चूके ह़ोते है जहाँ पर हर इंसान को कुछ न कर पाने का गम है जो बहुत पाकर  जिंदगी से खुश नहीं है 


जिंदगी में सबसे मुश्किल है  अपने व्यवहार और अपने काम में बदलाव न करना किसी भी परिस्थितियों में  और  जिंदगी को शिद्दत से जीना   ∣

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