"ईशा ने नहीं कहा कि दूगां
सदा स्वच्छ नीला आकाश फूल भरी
राहे जीवन भर
बिन बादल और बिन बरसात
बिना दुख के आनंद न होगा न
शांति बिना प्रलाप "
अक्सर हम किसी विजयी इंसान को देखकर ये भूल जाते हैं कि उसने भी कभी कुछ सहा होगा जब जाकर आज वो इस पद पर है ∣ हमें लगता है कि मानों उस शीर्ष पद पर बैठे इंसान के जीवन में केवल सुख ही सुख है ∣
ऐसा सोचते वक्त हम ये भूल जाते हैं कि
सबकी जिंदगी में दुख और सुख आते और जाते हैं ∣
महज फर्क इतना हो जाता है कि कुछ लोग दुख की पीड़ा से इस कदर टूट जाते हैं तो कुछ लोग
इतना मजबूत बन जाते हैं जिनके आगे
पत्थर की कठोरता भी फीकी पड़ जाती है ∣
जिंदगी जीना भी क्या आसान होता है?
जहाँ सिर्फ हमारा इम्तिहान होता है जहाँ हमे भी लगने लगता है कि इस जिंदगी में कितना संघर्ष छिपा हुआ है ∣ अब और नहीं इस इम्तिहान को हमें बढ़ने देना है जिस इम्तिहान के शुरू की तारीख हमें मालूम होती है पर खत्म होने की तारीख अज्ञात सी होती है ∣
जहाँ अक्सर हमें मिल जाते हैं इतने दुख की अक्सर हम सिर्फ रोते रह जाते हैं न होता है एक वक्त के लिए कोई सहारा सब से हम अपने आसूं हंस हंस कर छिपाते है ∣ पर आईने से भी कोई झूठ बोल पाया है भला कि हम बोल पाते हैं ∣
जिंदगी में हम कितना भी किसी से कह दे कि चिंता मत करो, धैर्य से काम लो पर जब खुद पर बीते तब लगता है जैसे एक पल के लिए जिंदगी में सारे दुख एक साथ हमारे जीवन में आ गए हैं
∣
अक्सर जिंदगी में शरीर के दर्द से ज्यादा दर्द हमें तब होता है जब हमारा कोई अपना दर्द से कराह रहा होता है जिसके सामने भले हम कुछ न कहे पर उसकी दशा को देख ये मन कितना रोता है ∣
सब देख जाते हैं उसे मरीज समझकर हम से भला कौन पूछता है कि जिसे वो मरीज कह रहे हैं उसकी ये दशा देख हमारा मन कितना व्याकुल और बैचेन सा हो जाता है ∣
तब मालूम चलता जिंदगी जीना कितना मुश्किल है जहाँ पर ये मन सिर्फ और सिर्फ
कुछ न कर पाने का दोष खुद को देकर अंदर ही अंदर सिर्फ रोता है ∣
अक्सर जिंदगी में कुछ ऐसी परिस्थितियां आ खड़ी हो जाती है जहाँ
पर कुछ वक्त तक हमें समझ ही नहीं आता है कि हम कुछ काम भी करे जहाँ पर हो जाते हैं हम अकेले एक कैदी की तरह जब मन होता है व्याकुल और डर से
भरा इंसान होता है
जिंदगी में मुश्किलों का सामना करना, आसान नहीं है
" जान लो तुम यहीं जिंदगी का कटु सत्य है इसे पहचान लो जब तक जिंदगी में कोई दुख दर्द नहीं जिंदगी बेआदब सा न जीकर अच्छे से जीओं
नहीं तो हमेशा परेशान ही रह जाओगे ∣
अगर तुम जिंदगी में घोर विपत्ति से जीत गए तो अजयी कहलाओगे हार गए लड़ते लड़ते तब भी तुम अनुभवी कहलाओगे ,
कोशिश करना मत छोड़ना जिंदगी जीने की क्यों कि
जिंदगी में जब संघर्ष की कड़ी धूप में पकोगें
तब ही तुम अमूल्य हो पाओगे
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