अक्सर हमारी जिंदगी में ऐसे मोड़ आ जाते हैं जहाँ पर हमें खुद से लड़ने के अलावा बाहर की परिस्थितियों से भी लड़ना पड़ता है ∣
वहाँ पर जीतना हमारा बहुत ही जरूरी ह़ोता है..जहाँ पर चाहकर भी हम टूट नहीं सकते और न ही रोकर हम उस दर्द को जता सकते हैं ∣
जहाँ पर हर पल हमें एक बुरी खबर के आने का डर सा सता रहा होता है ∣
इस बीच नयी जिम्मेदारियों का बोझ हमारे सिर पर आ जाता है एक समय के लिए तो हमें कुछ समझ ही नहीं आता है , पर जिंदगी में चलते जाने का उसूल लिए हम आगे बढ़ते जाते हैं ∣
कभी गिरते -पड़ते सोचते हैं, कि हमें ही इतनी दुख परेशानी क्यों?
पर समझ आने लगता है, एक समय के बाद की ये हमारे इम्तिहान की घड़ी है जहाँ जीतने से ज्यादा उसे लड़ना जरूरी है ∣
इस बीच हम क ई बार टूटते है ओर जिंदगी के दुख - सुख को सहते जिंदगी में आगे बढ़ते जाते हैं ∣
और इस परेशानी से एक नया सबक सीखते हैं अपने काम के प्रति पहले से ज्यादा जबाबदेह हम होते हैं ∣
जिंदगी में कभी भी कितनी भी बड़ी परेशानी आ जाए, हमें अपना विश्वास नहीं खोना चाहिए ,धैर्य रखकर आगे चलते जाना चाहिए कौन क्या कह रहे हैं, हमें इस समय इसे छोड़कर अपने काम लगातार करना चाहिए क्योंकि जिंदगी का पहलू ये दुख भी है ∣
धूप में चलना सीख लिया
तो धैर्य धरना सीख लो
अगर जाना है तुम्हें अपने पेशे में
शीर्ष स्थान पर
तो तुम परेशानी सहन करना सीख लो
मिट्टी के दीपक को भी
कितना सहन करना पड़ता है मार
ये जान लो तब भी वो स्वयं
जलकर तुमको प्रकाश देता है ∣
तुम तो इंसान हो
अपनी कीमत पहचान लो
लड़ो आधियों से
आगे बढ़ने के लिए
न हारे है न हारना है इस जिंदगी से
इस आखिर सांस तक
ये वादा तुम खुद से कर लो ∣
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