जिंदगी कभी भी 3 घंटे की मूवी की तरह नहीं होती है∣ जहाँ पर नायक एक पल में छोटा, दूसरे पल में बड़ा ,एक पल में असफल दूसरे पल में चुनौतियों को पार कर विजय हो जाता है∣ जहाँ उसका नाम स्वर्ण अक्षरों से अजेय कहलाता है∣
बल्कि जिंदगी तो होती है .... सुख और दुख का पहिया जहाँ सुख कम तो दुख का साया हर पल हमारे जीवन में मंडराता रहता है∣
वहां पर किसी भी मुकाम को पाने के लिए कठोर परिश्रम करना पड़ता है ∣ जहाँ तपते पांव धूप के हो , या काम से थका बदन हो अपने मुकाम को हासिल करने के लिए सिर्फ काम ही करना पड़ता है ∣
जहाँ नहीं होता, अक्सर हमारे बस में अपने जीवन में आने वाली मुसीबतों को रोकना बल्कि वहाँ पर तो हर मुसीबत का सामना करना ही पड़ता है ∣
जिंदगी में ऐसे ही नहीं मिल जाती थोड़े परिश्रम से सफलता यहाँ तो हर दिन मूसर की मार को झेलना पड़ता है ∣
क्या आसान होता है ? जिंदगी के उतार चढ़ाव के बीच अपने काम करते जाना
जहाँ पर हर घड़ी मन खुद से ये सवाल कर रहा होता है क्या कर पाओगें इस काम को
यहाँ फिर अधूरा तेरा ख्वाब रह जाएगा ?
जिंदगी की सबसे कड़वी सच्चाई ये नहीं है कि जिंदगी में दुख -सुख का आना जाना लगा ही रहता है....बल्कि ये है कि यहाँ पर खड़े होने के लिए
खुद को बहुत तपाना होता है जहाँ पर सफलता से ज्यादा असफलता के डर के बावजूद हर पल, हर लम्हा इस इरादे के साथ चलना होता है कि हम काबिल है इसलिए यहाँ पर खड़े हैं ∣
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