हर कली का खिलना जरूरी है


 


जो बाजुओ में दम हो

पैरों में  हो तेजी तेरे

हाथ में सुरक्षा का औजार

 लिए अब उतरो

युवा  कली की श्रेणी 

जिसके लिए तुझे खिलना जरूरी है ∣ 



हर दिन अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़कर 

तुझे अपने अस्तित्व को बनाए रखना बहुत ही जरूरी है ∣



वक्त नहीं किसी  भेद का मोहताज 

अब अपनी सुरक्षा तुझे स्वयं  करनी है ∣


अब भरनी होगी हुंकार तुझे 

रण में उतर  सैनी

है चारों तरफ तेरी सुरक्षा को 

लेकर जग में त्राहिमान त्राहिमान



तोड़ बेड़िया जो जकड़े है तुझको  

आज कर अपनी सुरक्षा तु 

पहचान अपनी शक्ति को ∣ 


जो दर्द से जन्मी 

दर्द को सहकर बड़ी हुई तु

एक वंश को चलाने वाली 

आज तु फिर उतर 

रण में खुद की सुरक्षा करने को  ∣ 


याद रख तु उसी मिट्टी को जिससे जन्मी 

 लक्ष्मी

तो होल्कर की सुन बाई 

अहिल्या तो

 


बनी  वो मशाल और बदली परिभाषा

हर उस कली की 




जो जन्मी कांटों के बीच 

और अक्सर उन कांटों की चुभन  ने ही 

उसे दिया 

वरदान हर चीज को सहन करने को 


पर जब बात तेरे आत्म सम्मान की आयी तो

तु आज बन शेरनी 

काली का रूप रख 

अपनी सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध हो तु 

जिसके लिए हर कली का खिलना जरूरी है ∣

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