जुदाई

 




न ए दोस्त बनाना भले कितना भी कठिन काम हो पर उससे भी ज्यादा कठिन है ∣

उनसे जुदा होना जब वो हमारे दिल के सबसे करीब हो जिनको हम अपनी हर चीज बताते हैं ∣ 

जिंदगी शायद यहीं हैं, जहाँ हम मिलने के साथ जुदाई के दर्द को पीते हैं ∣ 

उन दोस्तों और लोगों को भूलने की कोशिश करते हैं ∣ जो लोग हमें हमेशा भले ही डांटते है, तो किसी से हर बात साझा करते हैं और हम उनसे छोटी- छोटी बातों पर लड़ते हैं ∣  पर एक दिन उन्हें न देखने पर हम हर जगह तलाश उनकी ही करते हैं ∣

पर अब जब आया समय जुदाई का तो न जानें बेमतलब आखों से आंसू निकल ही जाते हैं ∣

क्या आसान है? जुदाई जहाँ हम अपनों से  काफी दूर चले जाते हैं ∣ 

 अपने सपनों को पूरा करने के लिए जहाँ मालूम है हमें कई  कांटे हमारा इंतजार कर रहे हैं ∣ फिर भी हम उस रास्ते पर चलते जाते हैं ∣

जिंदगी में समझदार होना और गम्भीर होना दोनों ही कभी कभार अच्छा नहीं होता है ∣ हमारे लिए क्योंकि ये विदाई का दर्द झेलने का साहस क्या हम कर पाते हैं ∣

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