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जिंदगी की रफ़्तार में कही पिछड़ते रिश्ते

 


समय के साथ लोग बदल जाते हैं ∣ और परिस्थितियों में अक्सर  हम लोग बदल जाते हैं ∣ बहुत होते हैं, महान वो लोग जो नहीं बदलते, किसी हाल में जिनके लिए कल भी हम थे खास और आज भी है ∣ हम खास वो करीब रहते हैं हमेशा हमारे दिल के  पास और इस बीच दूर हो जाते हैं कुछ रिश्ते  टूट जाते हैं जैसे  कांच के सिक्के   ∣ 

जिंदगी की रफ्तार में बढ़ती जिम्मेदारियों के बीच  कब हम अपनों के लिए अजनबी हो जाया करते हैं ∣ और कब अजनबी से खास   जैसे मालूम ही नहीं चलता है, बनते रिश्ते कब बिगड़ जाएं जैसे कुछ पता ही नहीं चलता है∣

आज समकालीन समय में जब हम सब का अपने रिश्तेदारों से लेकर अपने दोस्तों से मिलना केवल ऑनलाइन माध्यम से हो रहा है ∣ तो ऐसे में जरूरी है ,कि हम 

उनसे ऐसी कोई बात न गोपनीय रखें जिसे वो अन्य लोगों से जानकर हमें झूठा समझें  और   परिणामस्वरूप   हमारे रिश्ते में खटास आएं 

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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..