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सुकून की तलाश में

 

कितना भी इंसान बेहतर चीज को पा ले किन्तु अगर उसके पास सुकून की कमी है ∣ तो वो उसके लिए सबसे बड़ी परेशानी बन जाती है ∣

जिसे खोजने वो इंसान हर उस जगह जाता है ∣ जहाँ उसे लगता है कि वो सुकून पा सकता है  पर अफ़सोस वो सिर्फ धोखा ही खाता है ∣

इस सुकून की खुदगर्जी में बहुत खूब लिखा है किसी शायर ने


" तुम मुझें से मिलने आते हो 

पर अक्सर मुझ में नहीं खो पाते हो

अक्सर जो इंसान ज्यादा हसमुख 

 हो जाता है, 

वो सुकून के चक्कर में 

कही खो सा जाता है

जिसे नहीं सुनाई देती एक बच्चे की चीख, 

तब भी तुम लोग हमें अपना बनाने के चक्कर 

में अक्सर खुद को ही भूल जाया करते हो

और कहते हो सुकून की तलाश में 

  है  हम  ∣

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Today Thought

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हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..