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जिम्मेदारी

  




अक्सर हम दूसरों को किसी बड़ी जिम्मेदारी निभाते देखते हैं तो हमें लगता है कि इसमें क्या बड़ा है ∣ हमें भी ये जिम्मेदारी मिलेगी तो हम भी इसे निभा लेगें ∣

किन्तु इसके विपरीत जब हमें स्वयं ऐसी कोई जिम्मेदारी मिलती है ∣ तो एक पल के लिए  हम बड़े खुश होते हैं, कि हम इसके लायक है ∣ कि आज हम इतने बड़े काम को कर  रहे हैं  ∣ 

 तो वही इसकी धरातल पर  वास्तविकता ये होती है ∣ कि यहाँ 

 पर पहुंचकर सिर्फ एक तिहाई लोग ही अपनी जिम्मेदारी निभा पाते हैं  ∣ 

 जबकि ज्यादातर लोग उस काम को  तब तक नहीं करना चाहते हैं जब तक की उसे आसान न बनाया जाए ∣

जिसकी वास्तविकता यहां है कि इस दुनिया में कोई भी ऐसी चीज नहीं है जो आसान हो सबको उससे आसान बनने के लिए लगातार प्रयत्न करने की आवश्यकता होती है ∣


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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..