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बरसात के दिनों में

 


आमतौर हर मौसम में साफ सफाई रखने की बहुत जरूरत होती है ∣ किन्तु बरसात के मौसम में कुछ ज्यादा ही सफाई पर ध्यान देने की जरूरत होती है और अब तो इसकी आवश्यकता और भी ज्यादा बढ़ गयी है जब कोरोना वायरस अपने न ए न ए बदलाव के साथ देखा जा रहा है ∣ तो ऐसे में अपनी सुरक्षा के साथ अपनों की सुरक्षा करना हमारी जिम्मेदारी है ∣ 

जिनमें छोटे बच्चे पर ध्यान देना इस मौसम में बहुत ही ज्यादा जरूरी होता है ∣ क्योंकि वो अपने से तो अपनी सुरक्षा के बारे में नहीं सोच सकते हैं इसलिए उनके खाने पीने से लेकर वो किस चीज को खेल रहे हैं , इसका भी ध्यान हमें देना चाहिए ∣

बरसात के दिनों में मच्छर होना आम बात होती है, इसलिए जहाँ पर मच्छर पनपने की सम्भावना हो वहाँ पर सरसों के तेल की एक दो बूंदे डाल देना चाहिए∣ इसी के साथ बरसात का पानी जमाव न हो घर के आस पास इसका भी विशेष ध्यान रखना चाहिए ∣


इन कुछ विशेष बिंदु पर ध्यान की अति आवश्यकता है-


1. खाना खाते और खाना बनने से पहले हाथ जरूर धोना चाहिए ∣


2. इस कोरोना वायरस की महामारी अगर आप कही बाहर जा रहे हैं तो पानी की बोतल के साथ हैड सेनटाईजर ले जाना न भूले ∣


3. ज्यादातर ये देखने को मिलता कि बच्चे के माता पिता तो मास्क लगा लेते हैं किन्तु छोटे बच्चे को मास्क नहीं लगते हैं ∣ जबकि उनको सुरक्षित रखना ओर भी जरूरी है ∣ इसका भी ध्यान रखें बच्चों को भी मास्क लगाएं ∣


4. बरसात के दिनों में दूषित पानी पीने से छोटे बच्चों को दस्त की समस्या उत्पन्न हो जाती है ऐसे में उसकी माँ को अपने नजदीकी चिकित्सालय में जाकर बच्चे की जांच जरूर करवानी चाहिए साथ ही बच्चे को ORS  का घोल माँ के दूध के अलावा अतिरिक्त उसे  देना चाहिए∣




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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..