समय हर पल बीतता है जिसके चलने की सबको खबर रहती है पर रोकने की मजाल आखिर किस की होती है ? एक समय के बाद जब हमें हमारे जीवन में कुछ अच्छा लगने लगे तो उससे हमारी नजदीकियां कब दूरी में बदल जाए इसकी खबर हमको बहुत बाद में होती है ∣
ये समय भी कितना खुदगरज होता है ∣ जब अच्छा लगने लगे हमें कोई शख्स तभी वो हम से दूर होता हैं ∣ सबकी कितनी भी हो इस जिंदगी से शिकायतें किन्तु यारों के साथ मस्ती आखिरा किसे बुरी लगती है∣
गजब लिखा है- किसी शायर ने अपनी कलम से "कि दोस्ती फूलों से करेगें तो महक जाओंगे, बारिश से करोगें तो भीगा जाओंगे ,हमसे करोगें तो बिगड़ जाओंगे ,और नहीं करोगें तो किधर जाओगे" ये यारियां सच में जब छूटती है, तो दिल भले कितना भी ह़ंसता रहे किन्तु ये आंखे मन ही मन रोती है ∣ किसी से बिछुड़ना क्या आसान होता है? किसी से दूर जानें का गम तो केवल मुसकुराती नजरों में कही छिपा हुआ होता है ∣ नसीब वाले है ,वो लोग जिनके यार उनको हमेशा देखने को मिल जाते हैं ∣ वरन अब तो सिर्फ whatsApp, Insta में अपने दोस्त का दीदार होता है ∣
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