अंधविश्वास पर तंज कसती प्रथा मूवी


अंधविश्वास

जब लोग भगवान बनने का नाटक करके भोली भाली जनता को अपने चगुल में फसा लेते हैं तो उसे अंधविश्वास कहा जाता है  ∣ अफ़सोस 2021 के युग में भी आज भी क ई लोग इस  में फस जाते हैं, और इनके गलत इरादो के शिकार होते हैं ∣

 ये मूवी  उस सच को उजागर करती है जिसे भले हम प्रत्यक्ष रूप से स्वीकार न करे किन्तु यहीं हमारे यहाँ की एक ऐसी बुराई  है ∣ जिसके कारण आज भी एक ऐसी आबादी जो अशिक्षित है वो इसका शिकार हो जाती है ∣  


प्रथा मूवी इस सच पर ही आधारित है ∣ जिसमें एक गाँव की भोली भाली लड़की को माता बना दिया जाता है जो कि एक विवाहित स्त्री है जिसका पति कॉलेज का एक छात्र है ∣

और फिर उसे सामाधि  लेने पर विवश कर दिया जाता है ∣ इस झूठ को सच समझकर सारे गाँव की जनता उसकी पूजा करती है ∣ और एक लोक तंत्र देश में शिक्षित युवा का प्रतिनिधित्व करने वाला   उसका पति 

इस सच को जनता तक पहुंचता है कि वो जिसको देवी मान रहे हैं वो उसकी पत्नी माला है

पर लोग उसकी बात को नहीं मानते हैं ∣  इस मूवी का अंत माता बनी उसी लड़की के द्वारा ही अपने प्राणों का बलिदान देते हुए होता  है जो  सबको ये संदेश देती है कि वो भी सब की तरह एक आम इंसान है ∣  कुछ लालची लोगों ने अपने स्वार्थ  को पूरा करने के लिए उसे माता का रूप दे दिया और वो अपने प्राणों का बलिदान कर देती है ∣

इस फिल्म की पटकथा बहुत अच्छी लिखी हुई है कही भी इसमें  बनावट सी नजर नहीं आती है ∣


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