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दोस्तों की अहमियत समझें वरना



दोस्ती महज एक शब्द नहीं बल्कि एक पवित्र रिश्ता है । जिसे एक बंधन की तरह निभाना साथ ही उसकी कसौटी पर खरा उतरना है जो हर किसी के बस की नहीं होती निभाना । इसलिए तो कहा जाता है कि " कि पतझड़ में पत्ते गिरते हैं   उठाता  कौन है दोस्ती तो सब करते हैं पर निभाता कौन है । " बड़े खुशनसीब होते वो लोग जिनके दोस्त होते हैं, जो अपने से ज्यादा उनकी फिक्र करते हैं जिन्हें फर्क नहीं पड़ता उनके अच्छे बुरे दिखने से वो तो केवल दोस्त का फर्ज निभाने में हर हद पार कर जाते है ।




बचपन से लेकर बड़े होने तक हम बहुत से दोस्त बनाते हैं, पर अफ़सोस बहुत कम लोग ही दोस्त के शब्द कहलाने के लायक बन पाते हैं वरना कुछ तो वक्त निकलने के बाद बेवफा कहे जाते हैं ।

तब महसूस होता है क्या देख कर की हमने दोस्ती इसे जो अक्सर लोगों के सामने हमें जलील कर जाते हैं ।


पर कुछ दोस्त होते हैं ,हीरा जो हर समय अपनी चमक से हमें प्रकाशित कर जाते हैं ।


दोस्तों ये दोस्ती कभी मत तोड़ना उनसे जो आपके सपने के करीब लाने के लिए आपको एक नयी राह दे जाते हैं ।


वैसे तो बहुत हैं दोस्ती की परिभाषा पर आज भी इस पर कुछ कहने की कोशिश हम करते हैं-


"दोस्ती वो खज़ाना है जिसमें छुपा 

जिंदगी का शायरना है, 

दोस्ती है वो जीत की खुशी

अगर मिल जाए सच्चा दोस्त

तो जैसे जिंदगी में  खुदा की मौजूदगी का होना है

आसमान से भी ऊंचा है एक दोस्त के लिए सम्मान

जो आपको हर हल में समझने की कवायत करता है , 

दोस्त वो है जो आपसे ज्यादा आपको समझता है ।"

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