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बिन तपे



बिन मांगे कुछ नही मिलता , बिन मौसम बरसात भी बहुत कम ही होती है ∣ फिर हम तो इंसान है बिन परिश्रम के कोई फल कैसे प्राप्त कर सकते हैं ? 

इसमें कोई संदेह नहीं है, कि आज हम जो है वो हमारे भूतकाल का परिणाम है और कल जो हम होगें वो हमारे आज का परिणाम होगा ∣


जिस तरह किसी मिट्टी के घड़े को बनाने के लिए कुम्हार सबसे पहले मिट्टी को अपने पैरों से कूटता है फिर उसे पानी में गलाता है ∣

और फिर देता है आकार उस मिट्टी को घड़े का फिर तपता भट्टी में तब वो लेता है एक मटके का आकार ∣



जिंदगी भी हम सब की ऐसी ही है ∣ जो जितना तपता है, वो उतना चमकता है ∣ और जो नहीं तपता है वो बन जाता है कृष्ण पक्ष की भांति जो केवल काला ही रह जाता है ∣

इसलिए तो कहते हैं महान वो लोग है जो खुद को इतना तपाते है कि जहाँ देखों उनके प्रकाश की ज्योति से हर किसी को प्रेरणा दे जाते हैं ∣ किसे नहीं पसंद सफलता का ताज पर कुछ मेहनत करने वाले लोग ही उसे धारण कर पाते हैं ∣

सफलता और असफलता के भंवर में सब फंसते है महज फर्क इतना होता है कि जो मेहनत करते जी जान से वो सितारे की तरह चमकते हैं ∣

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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..