Skip to main content

किसी प्रक्रिया के बीच में

 

हम सब का जीवन एक प्रक्रिया के तहत चलाता है ∣ जिसमें हम हमारे जीवन के अनेक उतर चढ़ाव से परिचित होते हैं ∣ ऐसे में अगर हम गौर करें तो जानेगें  कि इस बीच हम एक नया आकार ग्रहण कर रहे होते हैं∣ जिसके दौरान हम एक नयी प्रक्रिया का हिस्सा बनते हैं ∣ जिसमें हम खुद को  एक न ए सांचे में गढ़ते हैं जिससे निकलकर हम एक  रूप ग्रहण करते हैं ∣

कुछ लोग होते हैं ,जो जिंदगी में कुछ विशेष अनुभव को पाने की लालसा में एक नया रास्ता चुनते हैं∣ जिसकी प्रक्रिया में जब वो प्रवेश करते हैं, तो उन्हें वहाँ उससे क ई तरह की सफलता और असफल ता का मुंह देखना पड़ता है साथ ही क ई बार खुद की इच्छा से हटकर उस प्रकिया में खुद को ये सिद्ध करना होता है ,कि हम इसके काबिल है तभी  हम यहाँ पर मौजूद है ∣

Comments

Popular posts from this blog

Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..