कमी


 जिंदगी में हर समय नहीं तो, एक पल के लिए जरूर हम सब को ऐसा लगता है कि हमारे जीवन में उस चीज की थोड़ी कमी है ∣

 जो हमारे सामने वाले के पास ज्यादा है ∣ और फिर शुरू होता है, दूसरे की सफलता को देख अपनी कमियों को अपनी असफलता मान लेना और ये कह देना कि वो तो सभी चीज में अच्छा है  ∣

 अच्छा दिखता है, अच्छे परिवार से सम्बन्ध रखता है उसके  परिवार में भला किस चीज की कमी है ?

 और एक हमें देखों जैसे कमियों का पहाड़ है, जहाँ देखों वहीं हमें अपनी कमी सी लगती है हम  में सिर्फ कमियाँ ही कमियाँ है ∣

 ऐसा सोचते वक्त हम अक्सर इस पर विचार करना ही भूल जाते हैं ∣  कि हर इंसान में किसी न किसी चीज की कमी होती है ,खामियां होती है किंतु वो अपने जीवन में इतना ज्यादा आगे चला जाता है ∣

  कि उसकी कमियाँ कब उसकी ताकतवर चीज बन जाती है हमें मालूम ही नहीं चलता है ∣

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