जिंदगी और आकर्षण


हम सब का किसी न किसी चीज से बहुत आकर्षण होता है। जिसकी ओर हम खीचें चले जाते है और इस ओर जाते वक्त हम अनेक रिश्ते  भूल सा जाते हैं ।

जब हम इसे पाने की चाह में देते हैं ,इम्तिहान जिंदगी के तो हम केवल उसे पाने की चाहत में अपनी पसंद
नापसंद जैसे सब भूल ही जाते हैं ।
  किन्तु जब मिलती है वो चीज तो खत्म हो जाता है। उसके प्रति आकर्षण पर रहता है खुद पर थोड़ा अहम की चलो उसे पाया तो जिसके पीछे अक्सर अनजान रास्ते पर भागे है हम

यही तो है जिंदगी,जहाँ  सिर्फ और सिर्फ रह जाती है तो कुछ पाने की लालसा और तो उसे पाने का  जुनून कुछ पाकर ,कुछ खोकर मिल पाते हैं हम अपने सपने से बिना संघर्ष के तो कुछ भी नहीं है। सम्भव इसलिए तो कहते हैं, जिंदगी में होना चाहिए किसी न किसी चीज के प्रति आकर्षण जो ले जाए तुम्हें
तुम्हारे सपने के पास और कर लो पूरे तुम अपने सपने   हर कठिन परिस्थितियों में भी  इसलिए तो कहते अपना दिमाग खुला और मन पक्का रखों  और जिंदगी में अपने सपनों को पाने के लिए उसके प्रति आकर्षण रखोंं ।

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