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हर दिखती सफेदी की चमक सफेद नहीं होती



क ई बार हम किसी भी चीज़ की चमक देखकर उसके प्रति इतने आकर्षित हो जाते हैं ∣ जैसे की हम में अच्छे बुरा में फर्क करने की समझ ही नहीं है ∣ 


 जिंदगी में भी क ई बार हम किसी एक क्षेत्र को देखकर इतना आकर्षित हो जाते हैं ∣ कि हम ये सोचना ही भूल जाते हैं, कि इस चमकती दुनिया के पीछे भी एक ऐसा काला सच है ∣ जो अभी हमें दिखाई नहीं दे रहा है ∣किन्तु एक समय के बाद इसकी चमक जब फीकी दिखेगी तब हमें मालूम चल ही जाएगा कि ये चमक 'दो दिन की चांदनी फिर अंधेरी रात के समान' है ∣


 इसलिए तो अक्सर किसी इंसान को समझने के लिए केवल उसके प्रति बाहरी आकर्षण के अलावा भीतरी सफेदी को भी जान लेना चाहिए कहीं उसमें मैल तो नहीं जो कभी छूटने वाला नहीं ∣

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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..