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एक पिता की परेशानी कहती है कुरियन जवान बापू परेशान मूवी




'कुरियन जवान बापू परेशान 'एक पंजाबी मूवी है∣ जो कि मुख्य रूप से एक पिता की कहानी पर आधारित है ∣ जो अपनी बड़ी होती बेटियों के लिए सदैव चिंता में रहता है ∣


जिसकी कहानी कुछ इस तरह से है ∣ एक परिवार में एक एक करके बेटे की चाह में तीन बेटियां जन्म ले लेती है ∣ किन्तु अंतिम बेटी के जन्म देते ही उसकी माँ की मृत्यु हो जाती है ∣ फिल्म की कहानी आगे बढ़ती है जहाँ एक बेटी बॉक्सिंग में माहिर तो दूसरी बेटी अपने राज्य में दूसरी टॉपर होती है ∣ तो तीसरी बेटी दहेज विरोधी होती है ∣

जैसे जैसे कहानी बढ़ती है ,एक आम भारतीय पिता की तरह उस पंजाबी पिता को अपनी बेटियों की चिंता सताने लगती है ∣ जिसको बढ़ाने में उनका साथ काम करने वाले एक सहयोगी भी निभाता हैं ∣ और वो उनसे कहता हैं कि अपनी बेटियों को ज्यादा आजादी मत दे वरना वो  बेटियां हाथ से निकल जाएगी, इसलिए तु उनका समय रहते विवाह कर दे ∣ 

कहानी आगे बढ़ती है और उसमें एक नया मोड़ आता है, जहाँ पर   एक गलतफहमी के चलते वो पिता अपनी बेटी की शादी करने की ठान लेता है ∣ ये दृश्य सब को भावुक कर देता है ,सहयोगवश जिस दिन उसकी टॉपर बेटी की शादी होती है उस दिन ही उसका इंटरव्यू होता है ∣ उसकी अन्य बहनों की मदद से वो इंटरव्यू देने जाती है ∣ और उसमें वो पास भी हो जाती है ∣ दूसरी तरफ घर पर आयी बारात उसके पिता का बहुत अपमान करती है और जब वो तीनों बहनें घर आती है तो सबके होश उड़ जाते हैं जो वो ये बताती है कि हमारी बहन टॉपर को 35 लाख का पैकेज मिल गया है ∣ और फिर पिता अपनी बेटी पर गर्व करता है ∣ और शादी तो टूट जाती किन्तु पिता और बेटी के दूरी खत्म हो जाती है ∣

 इसकी पंजाबी भाषा हिन्दी समझने वालों को आसानी से समझ में आ जाएगी इस मूवी के गाने, पटकथा

और  सिनमेटोग्राफी काफी अच्छी है ∣ जो हर दृष्य को अपने नजरिये से पेश करती है ∣

अगर आप घर पर है और कोई ऐसी मूवी देखना चाहते हैं जो आपकी सोच से बढ़कर हो तो आपको ये मूवी जरूर देखनी चाहिए ∣

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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..