हम सब की जिंदगी में कोई न कोई ऐसा शख्स जरूर होता है ∣ जिसके लिए हमें कुछ बेहतर करने की दिली तमन्ना होती है ∣ जिसके लिए हम हर दफा यहीं विचार करते हैं, कि हमें इनके लिए कुछ करना है ∣
जिनमें हमारे माँ -बाप जो अक्सर हमें बेहतर जीवन देने के लिए लगातार मेहनत करते हैं ∣ भले ही वो हमारी तरह ज्यादा डिग्री न रखें किन्तु दुनिया में एक अच्छा जीवन व्यतीत करने की लालसा हम से ज्यादा उनकी होती है वो भी अपने लिए नहीं बल्कि हमारे लिए और उसके बदलें वो हम से केवल ये चाहते हैं कि हम अपने पैरों पर खड़े हो जाए किसी के आगे हमें दो पैसे मांगने की जरूरत न पड़े और हम आत्मनिर्भर हो जाए ∣ जिसके लिए कुछ माँ बाप अपने बच्चों को बचपन से ही इस तरह से तैयार करते हैं ∣
कि वो अपने जीवन में बेहतर इंसान बने किन्तु बचपन के समय हमें अपने माँ बाप की डांट अच्छी नहीं लगती हैं ∣ हमें लगता है, कि कितने बुरे हैं वो दिन भर हमें डांटते रहते हैं पैसे कम खर्च करने को कहते हैं ∣ और जब हम बड़े होते तो हमें मालूम चलती है , उनकी अहमियत जो खुद धूप में तपकर हमें शीतल छाया देते हैं ∣ अपने लिए कुछ नहीं खरीदें पर हर हाल में अपने बच्चों के लिए तोहफे हजार खरीदते हैं ∣
लेकिन अफ़सोस हमें अक्सर अपने माँ बाप से ज्यादा वो दोस्त पसंद आते हैं, जो हमारी गलतियों पर परदा डालते हैं ∣ और ले जाते हैं ∣ हमें किसी ऐसी दुनिया में जिसका वर्तमान से कोई वास्ता ही नहीं महज कुछ अपवाद दोस्तों को छोड़कर जो हमें जीवन को जीने की एक नयी प्रेरणा दे जाते हैं ∣
बड़े खुशनसीब होते हैं वो माँ बाप जिनके बच्चे उनकी अहमियत समझ पाते हैं ∣
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