जिंदगी का एक पहलू ये भी है

 

हम अक्सर दूसरों को खुश देख ये भूल जाते हैं ∣ कि उसकी जिंदगी में कभी दुख रहा होगा ∣ 

हमें तो लगता है, कि उसकी जिंदगी हमेशा कितनी अच्छी है ∣थोड़ी ही मेहनत में उसे कितना कुछ मिल गया जबकि वास्तविकता इससे विपरीत होती है ∣ वास्तव में जिस इंसान को हम इतना खुश



देख रहे होते हैं ∣ वो अपनी जिंदगी के क ई कठिन पड़ाव को पार कर चुका होता है किन्तु उसने हमारी तरह अपने दुख का गुण गान हर किसी से न करके कुछ खास लोगों से किया होता है ∣ जिस कारण हमें लगता है कि काश इसकी जैसी जिंदगी हर किसी की होती ∣ किंतु इसके विपरीत जब हम उसके जीवन को जान रहे होते हैं तब हमें मालूम चलता है कि इस को हम से ज्यादा परेशानी है किन्तु ये अपना दुख दर्द किसी से नहीं कह रहा है और जीवन को एक न ए नजरिये से जी रहा है ∣

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