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जिंदगी का एक पहलू ये भी है

 

हम अक्सर दूसरों को खुश देख ये भूल जाते हैं ∣ कि उसकी जिंदगी में कभी दुख रहा होगा ∣ 

हमें तो लगता है, कि उसकी जिंदगी हमेशा कितनी अच्छी है ∣थोड़ी ही मेहनत में उसे कितना कुछ मिल गया जबकि वास्तविकता इससे विपरीत होती है ∣ वास्तव में जिस इंसान को हम इतना खुश



देख रहे होते हैं ∣ वो अपनी जिंदगी के क ई कठिन पड़ाव को पार कर चुका होता है किन्तु उसने हमारी तरह अपने दुख का गुण गान हर किसी से न करके कुछ खास लोगों से किया होता है ∣ जिस कारण हमें लगता है कि काश इसकी जैसी जिंदगी हर किसी की होती ∣ किंतु इसके विपरीत जब हम उसके जीवन को जान रहे होते हैं तब हमें मालूम चलता है कि इस को हम से ज्यादा परेशानी है किन्तु ये अपना दुख दर्द किसी से नहीं कह रहा है और जीवन को एक न ए नजरिये से जी रहा है ∣

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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..