वायु प्रदूषण का कहर अभी भी जारी है


वायु प्रदूषण फैलने में अगर कोई भूमिका निभाता है तो उसमें पेट्रोल का जलना, जैव रसायन का जलना औद्योगिक क्षेत्र में लगी गयी चिमनियां इसे बढ़ाने में अपना योगदान  देती है ∣ Down to earth magazine के मुताबिक केवल

वायु प्रदूषण ने 2019 में 17 लाख भारतीयों को मौत के घाट उतारा है ∣

इस के अलावा पिछले दो दशकों में बाहरी वातावरण के वायु प्रदूषण के कारण मृत्यु दर में 115 फीसदी तक की बढ़ोत्तरी हुई है जो सामान्य नहीं है ∣


 वायु प्रदूषण की समस्याओं से केवल  दिल्ली के लोग नहीं  जूझ रहे हैं बल्कि अन्य राज्यों में भी वायु प्रदूषण से लोगों को बीमारी हो रही है जिसमें आंखों में जलन सामान्य रूप से उन लोगों में  देखी जाती है ∣ जो वायु प्रदूषण के शिकार होते हैं जिसमें  गांव में जहाँ पराली जलाने से वायु प्रदूषण में वृद्धि हो रही है ∣ तो वही आग उगलती  औद्योगिक कारखाने की चिमनियां , पुरानी गाडियों का सड़क पर चलना, बड़ी मात्रा में कचरे को जलना आदि शामिल हैं  ∣

आज हम सब को CNG compound Natural gas का उपयोग करना चाहिए  जिसका  शुभारंभ   दिल्ली में कब का हो चुका है ∣ साथ ही साथ अपनी आने वाली पीढ़ी को इस बात के लिए तैयार करना है कि वायु प्रदूषण खत्म करने के लिए केवल सरकार ही नहीं अपितु हमारी भी जिम्मेदारी बनती है कि हम इसे कम करने में अपना योगदान दें ∣





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