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निश्चय हमें करना है


हम सब की जिंदगी में एक न एक ऐसी घटना जरूर होती है ∣ जो हमें अपने जीवन में कुछ ऐसा  करने को विवश कर देती है  जिसका असर केवल हम

पर ही नही अपितु हमारे आस पास के वातावरण पर भी पड़ता है ∣

बात चाहे किसी समस्या के निदान की हो या किसी परेशानी के खड़े होने के कारणों को जानने की सब कुछ एक घटना से प्रभावित होकर किया जाने वाला प्रसंग होता है ∣

उनमें से एक है पर्यावरण और हमारी जिंदगी में उसका महत्व
बात चाहे घर   शहरी क्षेत्र में पानी के  संकट की हो या
वातावरण में कम हो रहे हैं जीव जन्तुओं की  जो परिस्थितिक तंत्र को प्रभावित करते हैं
जिसका हमारे ऊपर भले ही प्रत्यक्ष प्रभाव न पड़े किन्तु हम पर उसका अप्रत्यक्ष प्रभाव जरूर पड़ता है ∣

जब हम से ज्यादा लोग उन प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग बहुत खुलकर करते हैं जिनके संरक्षण की हमें जरूरत है ∣ तो  तब हमारे जीवन में उनकी  कमी होने लगती है ∣

बात चाहें पीने के पानी की हो या प्राकृतिक भंडारण के संरक्षण की हमें अब यह निश्चय करना ही होगा कि हम पर्यावरण को बचाने के लिए क्या हम ऐसा काम कर सकते है ∣
जिससे हम पर्यावरण के संसाधनों को सुरक्षित रख सके इसके लिए हमें कोई आंदोलन या विरोध करने की जरूरत नहीं बल्कि खुद से ये वचन लेने की जरूरत है कि जितना जरूरी हो उतना भोजन करे, पानी का समुचित उपयोग करे साथ ही वर्तमान समय में अधिकांश लोगों के द्वारा उपयोग में लाए जा रहे मास्क का उचित निस्तारण करे भूल से भी इसे किसी नदी नालों में न डाले  ∣

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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..