परीक्षा देते रहिये जोखिम लेते रहे


कभी गौर किया है अपने की हमें हर दिन सिर्फ 24 घंटे ही क्यों मिलते हैं जिसमें 12 

घंटे दिन और 12 घंटे की रात होती है, 

  जिसमें से करीब 6से 8  घंटे हम सोने में खर्च कर देते हैं ∣  और फिर जो समय बचता है ∣  उसमें हम ज्यादातर  उन काम करते हैं ∣  जो हमारे लिए ज्यादा जरूरी नहीं कुछ  अपवाद  छोड़कर जो लोग अपना समय फिजूल चीजों में कम से कम खर्च करते हैं ∣ किन्तु ज्यादा तर का हाल यहीं  मिलता है ∣    जिनको जब वक्त मिलता हैं कुछ करने का तब वो आराम करने के न ए - न ए बहाने खोजते है ,और जब वक्त आता है ∣  जोखिम लेने का तो ये कहकर नहीं करते, यर हमारे लिए तो वो था ही नहीं किंतु बड़े काबिलिय तारीफ लोग वो भी होते हैं ∣ जो अपना समय ज्यादा से ज्यादा उन चीजों में लगाते हैं ∣ जो उन्हें कल बेहतर बनाएंगी और वो जोखिम लेने से कभी पीछे नहीं हटते हर दिन देते हैं खुद को चुनौती की आज कर पाएंगें अपने लिए कुछ बेहतर यहाँ आज भी कुछ समय की वो मर खाएगें


जिंदगी में हमें भले न मिले हर क्षेत्र में सफलता किन्तु हमें जिंदगी में हमेशा जोखिम लेना चाहिए ,क्योंकि जब हम असफल होते है तब हम असफल होकर भी  असफल नहीं होते किन्तु जब हम अपनी हार मानकर उस काम को नहीं करते तो हम सचमुच हार जाते हैं ∣


इस युवा पीढ़ी को आज के समय में अपने लिए बहुत मेहनत करने की जरूरत है ∣  क्योंकि यहाँ आप ग ए और दूसरा क़ोई आ गया दुनिया को आप से कोई फर्क नहीं पड़ता है ∣  कि आप उस काम को करे कोई ओर   किन्तु आपको फर्क पड़ना चाहिए कि आप उस काम को करें ∣  क्योंकि अगर हम जिंदा होकर भी जिंदा नजर ना आए तो हम  युवा कहलाने के लायक नहीं ∣  क्योंकि स्वामी विवेकानंद जी के मुताबिक युवा वो है ,जो अपने अंदर असीमित क्षमता रखता है जोखिम लेने की, अपने सपनों को साकार करने की इसलिए लीजिए एक जोखिम जिंदगी में आप भले मिले सफलता या न मिले मरते वक़्त आप इस बात पर गर्व करेगें कि अपने हमेशा मेहनत की और समय को चुनौती दी और उसको अपना गुलाम बनाया ∣  

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