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जरूरत नहीं कमी बने


हम हमेशा न ए लोगों से मिलते हैं ,जिनमें कुछ लोगों से हमारी अच्छी बन जाती है ∣ हम एक दूसरे के विचार से सहमत होते हैं ∣ और समय के साथ -साथ अच्छे दोस्त में बदल जाते हैं ∣ इस तरह हमारी जिंदगी में दो तरह के दोस्त हो जाते हैं ∣ एक जिनके न रहने से अक्सर हमारी महफ़िल में उनकी खासा कमी महसूस होती है ∣ तो दूसरे वो लोग जिनकी हमें एक समय जरूरत होती है ∣ अब आप सोचेगें आखिर कमी और जरूरत में फर्क ही क्या है ?जबकि इन दोनों शब्दों में जमीन आसमान का फर्क होता है ∣ जरुरत हमेशा किसी न किसी से पूरी की जा सकती है ∣ किन्तु कमी पूरी नहीं की जा सकती है ∣

अगर हम इसे उदाहरण से समझें तो जानेगें, हमारा कोई ऐसा दोस्त जिसके बिना एक समय हम ने सुबह को सुबह न कहा हो सब आ गए हो पर वो न आए हो, तो हमारा ध्यान केवल उसके आने पर उस चीज की कमी केवल वो ही दूर कर सकता है ∣ जबकि अगर हमारा कोई दोस्त हो जिसके एक समय हमारी जरूरत हो तो उसे तो कोई भी पूरा सकता है ∣ आपके होने न होने से सामने वाले को क़ोई फर्क नहीं पड़ता है ∣ इसलिए किसी की कमी बने जरूरत नहीं ∣

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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..