अतीत के पन्ने



जो बीत गया वो अतीत होता है ∣ जो आने वाला होता है, वो भविष्य होता है ∣ और जो चल रहा है, वो वर्तमान होता है ∣ इन तीनों काल के बीच में एक मनुष्य होता है ∣

 जिसके भूतकाल का नतीजा उसके वर्तमान काल में मिलता है ∣ और वर्तमान काल में किए हुए कार्य का नतीजा उसे भविष्य काल में मिलता है ∣ कितनी अजीब बात है न कुछ का अतीत उनके वर्तमान से इतना अलग होता है ∣ 

कि अगर आज बताने लगे वो तो उसकी बात पर विश्वास करना ही एक झूठ की सफेद चादर सी लगता है कुछ शख्स बना लेते हैं अपने अतीत से वर्तमान को इतना अच्छा की उनका काम ही एक छलावा सा लगता है∣ 

दिन बीतने में वक्त नहीं लगता है ∣ पर किसी अच्छे का साथ मिलने में वक्त ही वक्त लगता है ∣ कितना भी मिटने की कोशिश करे अतीत के पन्ने की लिखावट किन्तु पत्थर पर लिखा जैसा हर अतीत का शब्द लगता है ∣ 

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