ज्यादा बोलने वाले जब चुप रहने लगे तो समझ लेना चाहिए आज सूरज दूसरी दिशा से है निकला,
जब वो लोग जो किसी काम को बखूबी करते हर उस काम को दैनिक करते हैं
जो उनके लिए जरूरी है और वो कभी उसे न करे तो उनको भी समझना चाहिए जो लोग उनके न आने के कारण को पूछ रहे हैं ∣
जब कोई इंसान किसी के प्रश्न के बावजूद अपनी तरफदारी न करे तो उसकी खामोशी का मतलब समझ लेना चाहिए ∣
बहुत कम वो लोग होते हैं ∣ जो समय के साथ नही है बदलते वरना कुछ लोग तो पहचाने नहीं जाते हैं ∣
ये ख्वाहिश जिंदगी की पूरी करते करते क ई लोग है मुर्दा हो जातें हैं ∣
कहते हैं लिखना और लिखने में अंतर होता है ∣ कुछ का लेखन तो केवल कुछ की तारीफ करना होता है ∣ तो कुछ का जिंदगी के अल्सफे को पढ़ना होता है ∣
समय के साथ हर चीज नही रह जाती है इस इंसान के पास कुछ का छुटना तो जैसे स्मृति का धूमिल होना होता है ∣
इसलिए तो कहा जाता है इतना करीब न रखों अपने दिल के किसी को कि जब दूर हो तो उसकी कमी खलने लगे
खुद कुछ न बोल सके तो हर खामोशी उसकी तारीफे करने लगे
जिंदगी में अक्सर जब हमें लगता है ∣ कि जिंदगी में सिर्फ दौलत शौहरत काम आती है ∣ तब उसको पाकर किसी की कमी खलने लगे
मत रखिएगा किसी को अपने दिल के करीब इतना की उसकी जुदाई खुद को खामोशी से कहने लगे इतना बोलने वाला कैसे चुप हो गया ∣

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