Skip to main content

खामोशी





ज्यादा बोलने वाले जब चुप रहने लगे तो समझ लेना चाहिए आज सूरज दूसरी दिशा से है निकला, 

जब वो लोग जो किसी काम को बखूबी करते हर उस काम को दैनिक करते हैं 

जो उनके लिए जरूरी है और वो कभी उसे न करे  तो उनको भी समझना चाहिए जो लोग उनके न आने के कारण को पूछ रहे हैं ∣


जब कोई इंसान किसी के प्रश्न के बावजूद अपनी तरफदारी न करे तो उसकी खामोशी का मतलब समझ लेना चाहिए ∣


बहुत कम वो लोग होते हैं ∣ जो समय के साथ नही है बदलते वरना कुछ लोग तो पहचाने नहीं जाते हैं  ∣


ये ख्वाहिश जिंदगी की पूरी करते करते क ई लोग है मुर्दा  हो जातें हैं ∣


कहते हैं लिखना और लिखने में अंतर होता है ∣ कुछ का लेखन तो केवल कुछ की तारीफ करना होता है ∣ तो कुछ का जिंदगी के अल्सफे को पढ़ना होता है ∣

समय के साथ हर चीज नही रह जाती है इस इंसान के पास कुछ का छुटना तो जैसे स्मृति का धूमिल होना होता है ∣

इसलिए तो कहा जाता है इतना करीब न रखों अपने दिल के किसी को कि जब दूर हो तो उसकी कमी खलने लगे 

खुद कुछ न बोल सके तो हर खामोशी उसकी तारीफे करने लगे 

जिंदगी में अक्सर जब हमें लगता है ∣ कि जिंदगी में सिर्फ दौलत शौहरत काम आती है ∣ तब उसको पाकर किसी की कमी खलने लगे 

 मत रखिएगा किसी को अपने दिल के करीब इतना की उसकी जुदाई खुद को खामोशी से कहने लगे इतना बोलने वाला कैसे चुप हो गया ∣

Comments

Popular posts from this blog

Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..