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जानें छिपकली के बारें में


एक तूफान ने अभी सभी लोगों की नाक में दम करके रखा है जिसका नाम ताऊ  ते है जिसका असर महाराष्ट्र और गुजरात में कहर बनकर बरसा है ∣

इस को लेकर मौसम विभाग ने पूर्व अनुमान लगाया है जिसमें उसने बताया है ∣ कि पूर्व मध्य बंगाल की खाड़ी में 23 म ई तक कम दवाब का क्षेत्र बनेगा जो पूर्वी तट तक की और बढ़ते हुए तूफान में बदल सकता है ∣  किंतु अगर कम दवाब का क्षेत्र नहीं गहराया तो तूफान पैदा होने से पहले खत्म भी ह़ो सकता है ∣ 


अगर इस तूफान से जुड़ी अन्य जानकारी की ओर हम अपना रूख करें तो जानेगें 

कि प्रेस और आपदा प्रबंधन के लिए तूफान आसानी से समझने के लिए हर एक तूफान को नाम दिया जाता है ∣ जिसका नाम विश्व के बड़े -बड़े मौसम विभाग जिसमें भारतीय मौसम विभाग भी शामिल हैं ∣ उनके द्वारा तूफान की तीव्रता को समझते हुए उसका नामकरण किया जाता है ∣

इस बार जिस तूफान जिसे आप ताऊ

तूफान के नाम से जान रहे हैं उसका नाम म्यांमार ने दिया है   यह एक वर्मी भाषा का शब्द है जिसका अर्थ छिपकली है ∣

बता दें कि 2018 के बाद इसे सबसे गंभीर चक्रवात की श्रेणी में रखा गया है ∣

इससे पूर्व भारत में 2018 में चक्रवात मेकानू, 2019 में वायु तथा 2020 चक्रवात निसर्ग आए थे ∣ जिन्होंने क्रमशः ओमान, गुजरात और महाराष्ट्र को प्रभावित किया था ∣

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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..