कल ईद का त्यौहार मनाया जाएगा जिसका सभी लोग बेसब्री से इंतजार कर रहे थे । ईद का त्यौहार एक ऐसा पर्व होता है । जब लोग एक साथ मिलकर नमाज अदा करते हैं एक दूसरे से गले मिलते हैं ।
ईद मनाए जाने के कारण पर अगर हम गौर फरमाए तो जानेगें ऐसा माना जाता है कि पैगम्बर हजरत मुहम्मद ने बद्र की लड़ाई में जीत हासिल की थी। इस जीत की खुशी में सबका मुंह मीठा करवाया गया था, इसी दिन को मीठी ईद या ईद-उल-फितर के रुप में मनाया जाता है ।
बता दे कि ईद की शुरुआत सुबह दिन की पहली प्रार्थना के साथ होती है। जिसे 'सलात अल-फ़ज़्र '
भी कहा जाता है। इसके बाद पूरा परिवार कुछ मीठा खाता है। वैसे ईद पर खजूर खाने की परंपरा है। फिर नए कपड़ों में सजकर लोग ईदगाह या एक बड़े खुले स्थान पर जाते हैं, जहां पूरा समुदाय एक साथ ईद की नमाज़ अदा करता है। प्रार्थना के बाद, ईद की बधाईयां दी जाती है। उस समय ईद-मुबारक कहा जाता है। ये एक दूसरे के प्यार और आपसी भाईचारे को दर्शाता है।
"हो सब की बरकत मिले सब को सुकून की रोटी
कोई न सोए भूखा चलों करे मदद किसी गरीब की
ईद मुबारक हो."

Comments