आज विश्व किताब और प्रतिलिपि दिवस है। जिससे मनाने का मुख्य उद्देश्य लोगों का किताब के प्रति रूझान बढ़ाना है , साथ ही लोगों को प्रतिलिपि लाभ पहुंचाना है।
अगर आप गौर करें तो जब पूरा देश अपने घरों में बंद था तब एक किताब ही थी जो उसके अकेलेपन का सहारा बनी थी,
वैसे भी मनुष्य का किताब से सम्बंध बरसों पुराना है ।
ज़ो लगातार गहराता जा रहा है किन्तु, लॉकडाउन ने उसके महत्व को और ज्यादा उजागर किया है जिसमें लोगों ने अपनी उन किताबों को भी पढ़ा है। जिसे पढ़ने का उन्हें कभी समय ही नहीं मिला ।
आज भी पढ़ने में रूचि रखने वाले लोग अपने घर में सजावटी समान कम और किताबें ज्यादा रखते हैं ।
किताब एक ऐसा माध्यम होती है जो व्यक्ति के अज्ञान को दूर कर उसे ज्ञान का प्रकाश देती है ।
आज ही क्यों मनाया जाता है?
23 अप्रैल को बहुत से कवि का जन्म और मृत्यु हुई इसलिए प्रत्येक वर्ष 23 अप्रैल को लिए विश्व किताब और प्रतिलिपि दिवस मनाया जाता है।
आज समकालीन समय में जब पूरा विश्व कोरोना की कहर झेल रहा है ऐसे में उसका सबसे अच्छा मित्र किताब साबित हुई जो उसे हर दिन कुछ ं नया बताती है ।

Comments