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National panchayati raj day




प्रत्येक साल 24 अप्रैल को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस मनाया जाता है। 

जिसके मनाने का ध्येय लोगों को पंचायत के महत्व को बताना है।

आज हम इसकी स्थापना से लेकर पंचायत का संवैधानिकरण को जानेगें-

जैसा कि आप सब अवगत है भारत एक लोकतंत्र वाला देश है जो की एक संविधान के अनुसार चलता है । जिससे ऊपर कोई भी नहीं 

उस संविधान में भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल, राजीव गांधी के पंचायत व्यवस्था के संवैधानिकरण की पहल के चलते सन् 1992 में भारत के संविधान में 73  संशोधन करके 

11 वी अनुसूची में पंचायत जोड़ा गया 

जिसमें कुल 29 कार्यकारी विषय थे वर्तमान समय में पंचायत भारत के संविधान के भाग 9 में अनुच्छेद 243 में है।

इसमें एक बात गौर करने वाली है सभी राज्य सरकार पंचायत व्यवस्था को अपने कुछ भाग में विभाजित कर सकती है जिनकी अधिकतम संख्या तीन है।

मध्यप्रदेश में पंचायत तीन स्तर पर बंटी हुई है -ग्राम पंचायत, जिला पंचायत, जनपद ।

पंचायत के महत्व हम इसे समझ सकते हैं कि इसकी स्थापना का उद्देश्य जमीनी स्तर पर लोकतंत्र की स्थापना करना था । 

आज वर्तमान समय में जब भारत कोरोना वायरस की दूसरी लहर का सामना कर रहा है । ऐसे समय में गाँव के सरपंच के काम करने की चुनौती बहुत बढ़ गयी है ।

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हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

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