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Health is wealth


प्रत्येक वर्ष 7 अप्रैल को 

विश्व स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है जिसे मनाने का उद्देश्य लोगों को उनके स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना है साथ ही उन्हे स्वास्थ्य है तो सब है वो ही हमारा सबसे बड़ा धन है इसकी महत्ता सभी लोग को समझना है

अगर हम इसे वैश्विक पटल पर रखकर देखें कि स्वास्थ्य पर कहाँ की सरकार कितना खर्च करती है तो हम जानेगें की फिनलैंड, की सरकार सबसे ज्यादा अपने देश के लोगों के लिए जहाँ शिक्षा मुफ्त करती है वही उन्हें अच्छी से अच्छी  चिकित्सा सहायता दे सके इसके लिए अपनी जीडीपी का दस प्रतिशत से ज्यादा खर्च करती है जबकि इसकी तुलना में विकासशील देश अपनी जीडीपी का बहुत कम पैसा

स्वास्थ्य पर खर्च करते हैं जो चिंतनीय विषय हो सकता है 

समकालीन समय में हम देखें तो कोरोना वायरस से सभी सरकारों की स्वास्थ्य के प्रति कितनी सजगता है इसकी सच्चाई सबके सामने ला दी साथ ही स्वास्थ्य की पर कितनी योजना सफलता होती है उस पर एक प्रश्न चिन्ह सा लगा दिया है 

 हम सभी लोगों को अपने स्वास्थ्य की बेहतरी के लिए बीमा करना होगा साथ ही अपनी जीवन शैली में अपने जीवन चर्या को सुधारना होगा जिससे हम अपने स्वास्थ्य पर ध्यान दे सके क्यों कि स्वास्थ्य खराब हो जाने पर हमें उसके मूल्य समझ में आते हैं जब हमारे हाथ में केवल पछतावा ही लग पाता है.

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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..