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कोरोना वायरस पर क्या कहते हैं आकड़े


आप सब अवगत है कि आज रात 9 बजे से सोमवार सुबह 6 बजे तक मध्यप्रदेश की राजधानी में  कर्फ्यू

रहने वाला है जो सभी भोपाल वासियों के लिए दुखद खबर है  क ई लोग जो अपने लिए आगे की  योजना बना रहे थे वो अब कुछ दिन के लिए उसको गति में नहीं ला पाएंगे 

 ऐसा नहीं इस कोरोना वायरस का असर केवल मध्यप्रदेश में ही है बल्कि कोरोना दिल्ली, महाराष्ट्र, और छतीसगढ़, में भी तेजी से बढ़ रहा है जिसके चलते महाराष्ट्र और छतीसगढ़ में  भी कड़ाई के साथ  लॉकडाउन लगा दिया गया है जबकि देश की राजधानी दिल्ली के अस्पताल में बिस्तर की संख्या बढ़ा दी गयी है 

भारत कोरोना वायरस की दूसरी लहर का शिकार हो  रहा है  ये जिज्ञासा का प्रश्न हो सकता है ?

भारत कोरोना को नियंत्रित अमेरिका से अच्छे ढंग से  कर  पाया या नहीं जानने लायक हो सकता है? 

किन्तु ये बात भी उतनी ही सत्य है कि भले ही कोरोना वायरस को देश में आए एक साल हो गया किन्तु हमने उसे उतने गम्भीरता से नहीं लिया जैसा की हमें लेना चाहिए वहीं दूसरी तरफ देश में हो रहे चुनाव  ने भी कोरोना वायरस के केस बढ़ने में अपना योगदान दिया है ये बात किसी से छिपी हुई नहीं है

आज अगर हम भारत के उन क्षेत्र को देखेंगे जिसने कोरोना वायरस के चलते पूरी तरह से मिट्टी में मिला दिया तो उसमें पर्यटन क्षेत्र, होटल, किसान और मजदूर वर्ग है  जहाँ किसान वर्ग सब्जी को फेंकने को मजबूर हो रहे हैं वहीं पर्यटन क्षेत्र में काम करने वाले लोगों की जेब भी दिन ब दिन खाली हो रही है होटल अभी कुछ सम्भल ही था कि फिर उसमें एक रूकावट आ गयी 

वहीं खुदरा और थोक विक्रेता को लगातार घाटा हो रहा है एक रिपोर्ट के मुताबिक नाईट  कर्फ्यू और  लॉकडाउन की बदौलत थोक विक्रेता की आमदनी 30 %तक कम हुई है जो हमारे लिए भले चिंतनीय न हो किन्तु उन लोगों के लिए है  जो पूरी तरह से इस पर निर्भर है 

वैश्विक स्तर पर हम  कोरोना वायरस की स्थिति को देखे तो अमेरिका में वैक्सीन के प्रभाव से पहले की तुलना में कोरोना वायरस से होने वाली मौतों की संख्या घटी है न्यूजीलैंड में कोरोना वायरस पर सबसे अच्छी कार्यवाही की है  ब्रिटेन में हफ्ते में दो बार सबको कोरोना वायरस का टेस्ट करने को कहा गया है पड़ोसी देश बांग्ला ने भी कोरोना वायरस पर ठीक ठाक काम किया है 

आने वाले समय में कोरोना वायरस किस तरह करवट लेगा ये भविष्य के गर्भ में है किन्तु आध्यात्मिकता का पाठ पढ़ाने वाला जनसंख्या की दृष्टि से दूसरा स्थान रखने वाला भारत अगर कोरोना वायरस को नियंत्रित करता है तो वो न केवल अपने देश में  बल्कि विश्व भर में ये संदेश देगा कि भारत एक मजबूती के साथ लड़ने वाला ताकतवर देश है.

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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..