कोरोना वायरस की दस्तक को दिए पूरा एक साल हो गया जो अभी मौजूद है। जिसका कहर फिर से शुरू हो गया है ।
जिसने एक साल ने हमें कुछ रूलाया तो कुछ हंसाया कुछ से मिलाया तो कुछ से हमें जुदा किया ।
इस साल ने सब से कुछ न कुछ लिए एक छात्र से उसका रोज स्कूल जाने से लेकर एक मध्यम वर्गीय छात्र से उसका शिक्षा का अधिकार छिन सा लिए गया जिसका कारण केवल और केवल पैसा था। जिसका प्रभाव अमेरिका से लेकर भारत तक में देखा गया ।
वही बहुत सारी कामकाजी महिलाओं की नौकरी चली गयी जिसका असर विकसित से लेकर विकासशील देश में देखा गया। वही स्कूल में पढ़ा रहे शिक्षक का वेतन भी अनिश्चित समय तक के लिए काट दिया गया सरकारी डाक्टरों को समय पर सैलरी नही मिली ।
क ई निजी कम्पनी ने अपने ऑफिस से ऐसी छटनी की उसने सबको ही छांट दिया ।
इस कोरोना वायरस ने हमें क्या दिया
खुद के भविष्य के बारे में सोचने का वक्त दिया बचत की अहमियत समझाई स्वास्थ्य पर ध्यान देने की कितनी जरूरत है। इसके बारे में हमें बताया घर से सुरक्षित कोई और जगह नहीं ये हमें बताया
खुद को पेशेवर स्तर पर खड़ा करने योग्य बनने के लिए कुछ तकनीकी सीखना।
कुछ बदला
कुछ बीता
कुछ सीखा
कुछ फीका
देखते देखते
गुजर गया साल
कुछ मुश्किलों से वक्त बीता
कुछ समय से सीखा
कुछ ने बताया
अगर तुम नहीं होगें
खुद को लेकर
सजग
त़ो
तुम्हारा जीवन होगा
अनिश्चित के भवर में.

Comments