जब ठाना
शिखर पर चढ़ने का
तो चुनौती से भला
क्या डरना?
जब वास्ता हो
खुद का खुद से
तो चट्टान की मजबूती
देखकर मुंह मोड़ना क्या?
सिखाती गीता हमें
जीवन है संग्राम
धैर्य रखेगा तु तो
पूरे होगे काज
फिर धैर्य का साथ
छोड़ना क्या?
जब ठाना
शिखर पर चढ़ने का
तो चुनौती से भला
क्या डरना?
जब वास्ता हो
खुद का खुद से
तो चट्टान की मजबूती
देखकर मुंह मोड़ना क्या?
सिखाती गीता हमें
जीवन है संग्राम
धैर्य रखेगा तु तो
पूरे होगे काज
फिर धैर्य का साथ
छोड़ना क्या?
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