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अब और भी सावधानी की जरूरत है


देश में  कोरोना वायरस के केस लगातार बढ़ रहे हैं जो  काफी  चिंताजनक बात है। इसी बीच मद्रास हाईकोर्ट ने अपने बयान में कहा है कि कोरोना वायरस की दूसरी पीक के लिए चुनाव आयोग जिम्मेदार है ।

ये खबर भले हम सब को सामान्य सी लगे किन्तु उतनी सामान्य है नहीं भारत का संविधान भारत के नागरिकों को गरिमा पूर्ण जीवन जीने का अधिकार देता है  ।

जिसकी परिभाषा आज के समय में बहुत बदल दी गयी है जहाँ लोग अपनों की जान  बचाने के लिए इधर उधर भटक रहे हैं  ।

देश का हाल इतना बेहाल है कि जहाँ देश के राजनेता एक दूसरे को आरोप प्रत्यारोप मढ़ रहे हैं वहीं दूसरी तरफ आक्सीजन की कमी से क ई जान जा रही है ।

वर्तमान परिस्थितियों नजर डाले तो हाल बहुत बेहाल है

 स्वास्थ्य के क्षेत्र में आयी आपातकाल और भयवाह रूप  न ले  इसके लिए जरूरी है कि हम लोग अपनी सुरक्षा स्वयं से करे क्योंकि स्वास्थ्य क्षेत्र में काम करे रहे लोगों के सिर पर बहुत ज्यादा दबाव है ऐसे में हम क्यों कोरोना  वायरस से ग्रसित होकर उनके सिर में दर्द करे ।

हम अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें कम से कम बाहर जाए किसी भी शादी समारोह या सार्वजनिक गतिविधियों का हिस्सा न बनें क्योंकि शादी का सीजन हर साल आएगा किन्तु जीवन गया दुबारा वापिस नहीं आता  ।

अपना ध्यान रखें सुरक्षित रहे किसी को आपकी चिंता हो या न ह़ो आपको अपनी और अपनों की चिंता होना जरूरी है ।

  




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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..