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कला पर बंदिश नहीं लगाया जा सकता बताती है रंग रसिया मूवी

 

रंग रसिया मूवी मुख्य रूप से भारत के सर्वश्रेष्ठ चित्रकार राजा रवि वर्मा के वास्तविक जीवन पर आधारित है  

फिल्म की शुरूआत में हम राजा रवि की पेंटिंग की निलामी होते हुए देखतें है 




मूवी की कहानी जैसे जैसे बढ़ती है हम देखते हैं कि राजा रवि वर्मा अपने केरल को छोड़ सपनों के शहर मुम्बई आते हैं जहाँ पर

 रवि वर्मा ने  अपनी कला का उपयोग कर भारत के बहुसंख्यक के भगवान के चित्र को गढ़ते है  और फिर समूचे भारत को घूमकर अन्य चित्र बनाते हैं किन्तु आगे उन्हें अपनी कुछ पेंटिंग में लोगों का विरोध भी सहना पड़ता है 

जिसमें उर्वशी के चित्रों को अश्लील करार करते हुए उनके चित्रों का बहुत विरोध होते हुए भी हम देखते है कि उन पर कुछ लोगों के द्वारा ब्रिटिश अदालत में केस भी दर्ज किया जाता है जिसके चलते उन्हें अनेक तरह की परेशानी का सामना करना पड़ता है  

किन्तु मूवी के अंत में राजा 

   रवि वर्मा केस में जीत जाते हैं किन्तु जिस स्त्री को उन्हें प्रेरणा माना थाा वो समाज के ताने बाने के चलते  खुदखुशी कर ली   लेती है और मूवी खत्म होते हुए अपने पीछे बहुत से 

प्रश्न छोड़ जाती है

इस मूवी का एक संवाद काफी चिंतनीय है जिसमें राजा रवि वर्मा कहते हैं "कि तुम्हें अपनी खूबसूरती पर बहुत नाज है किन्तु एक समय के बाद तुम्हारी ये खूबसूरती खत्म हो जाएगी किन्तु मेरी पेंटिंग हमेशा अमर रहेगी"  

जिस पेंटिंग को अश्लील मानकर लोगों ने भले इसका विरोध किया किन्तु लोग ऐसा करते हुए ये भूल गए कि  

अंजता की गुफाओं में भी ऐसे ऐतिहासिक  चित्र है वो  उन लोगों की दृष्टि में अश्लील है  

इस मूवी का देखने का कारण ये भी है कि वो हमें केवल 18 शताब्दी का ही समाज नहीं दिखाती बल्कि आज का भी एक समाज दिखाती है जो वास्तविकता से डरता है जो सच का आईना नहीं देखना चाहता है  

सन् 2014 में रंग रसिया मूवी निर्देशक केतन मेहता के द्वारा बनायी गयी जिसमें राजा रवि वर्मा की भूमिका अभिनेता रणदीप हुड्डा ने निभायी है इस फिल्म की अभिनेत्री है नंदन सेन है इस फिल्म को हिन्दी के अलावा english में भी बनाया गया है जिसका नाम 'कलर आफ पैशन्स ' है  

राजा रवि वर्मा से सम्बन्धित तथ्य

*सन 1904 में ब्रिटिश इंडिया के वाइसराय लार्ड कर्जन ने राजा रवि वर्मा को ब्रिटिश एम्परर की ओर से कैसर - ए - हिंद स्वर्ण पदक प्रदान किया  

*उनके सम्मान में मवेलीकारा, केरल में एक 'फाइन आर्ट्स'college स्थापित किया गया है 


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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..