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दर्द ए जिंदगी से न जाने क्या कह जाते हैं मुसाफिर


जीत की खुशी में अक्सर भूल जाते हैं 

हार का गम

 शून्य से शिखर तक पाने के लिए अक्सर 

छोटी छोटी खुशी भूल जाते मुसाफिर

चोट लगने से जितना दर्द नही होता

हर समय होने वाला 

खुद को साबित न कर पाने का दर्द ही अजब होता, 

पा जाते हैं जब सारी ख्वाहिश की चाबी तब 

हार जाने का दर्द क्या हमें याद होता ? 


इतिहास उठाकर देख लो

पथ के मुसाफिर 

क्या मंजिल पाने वाले के लिए 

रास्ता कभी स्पष्ट होता

कांटे नहीं अंगारे चलने वाले के लिए 

हर दुख दर्द एक होता

तब भी मंजिल पाने का जुनून रखने वाले सिपाही के लिए

हर पथ हर दिन आज से कठोर

होता

तब भी

याद वो ही रखे जाते हैं

इतिहास के पन्नों में जिनकी शख्सियत ही

हार कर जीतने के लिए बनी होती

गिरकर उठने के लिए बनी होती

तंहा होकर भी जिनके लिए

हर दिन जिंदगी एक अग्नि परीक्षा सी होती.

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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..