घर के काम में इतनी हो जाती है व्यस्त
कि खुद को संवारने का वक्त नही रहता
अक्सर कम आंके जाते हैं उसके काम
जिसे सुबह से शाम वक्त
एक मिनट बैठने का समय नहीं देता
पति की चाय से लेकर
बच्चे के काम तक
उसके लिए हर काम तैयार होता
भूल जाते हैं हम
उसके काम के महत्व
क्या उसके काम का कोई महत्व नहीं होता?
आज कोई बेटी नहीं बनना चाहती
ग्रहणी
क्योंकि आकर उसे घर
काम ही क्या रहता का ऊलहना दिया जाता
क्या उसके काम की कोई इज्जत नही?
कभी कीजिये एक दिन घर के पूरे काम
समझ में आएगा
उसके काम से बड़ा कोई काम नहीं होता
न होती कोई छुट्टी जिसके लिए
बीमार होने पर भी अक्सर उसे खुद को भूलाकर काम करना होता?
क्यों पैसा पैसा देखकर हम भूल जाते हर ग्रहणी के काम को
क्या उसके बिना किसी घर ग्रहस्थी का काम होता?
सम्मान करते हैं अक्सर हम पेशेवर महिला का
किन्तु क्या गृहणी का काम करना
आसान होता है
बेटी, बहन, माँ, पत्नी
में अक्सर हम उलझे रह जाते
क्या पूछ कभी उनके काम का क्यों है अक्सर कम आका जाता,
बेटे के लिए पढ़ाई करना गर्व की
बात
बेटी के लिए गृहणी की पढ़ाई करना क्यों
पढ़ाने से ज्यादा जरुरी होता
क्यों हर वक़्त हम
उठाते मखौल उसका
जिसके कारण घर असल में घर होता
नमक से लेकर चीनी कितनी डालनी है
ये उसे ज्यादा क्या किसी को पता होता
गृहणी तेरे जैसे काम का महत्व
आसमान की ऊंचाई से भी बड़ा होता
पर क्यों किसी को इसका महत्व न ह़ोता?
एक दिन आएगा जल्द ही
जब तुम्हें मालूम चलेगा
गृहणी के काम का महत्व
जब घर में आयी बहु न बनना चाहेगी गृहणी
बेटी न बनना चाहेगी गृहणी
माँ नहीं रहेगी गृहणी
तब तुम समझों के उसके काम का महत्व.
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