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विश्‍व उपभोक्‍ता अधिकार दिवस


'जागो ग्राहक जागो'

आज विश्व उपभोक्‍ता अधिकार दिवस है जिससे मनाने का मुख्य उद्देश्य वैश्विक स्तर पर उपभोक्ताओं को उनके अधिकार के प्रति सचेत करना है इसकी शुरुआत सबसे पहले अमेरिका में 15 मार्च 1962 की गयी है जबकि 1966 में भारत में ये दिवस मनाया जा रहा है 

भारत में सन् 1986 में राजीव गांधी सरकार उपभोक्ता के जागरूक के लिए एक कानून लेकर आयी जिसका उद्देश्य ग्राहकों को किसी भी तरह की ठगी से रोकना साथ ही उनके अधिकारों की रक्षा करना है 

भारत में प्रत्येक साल 24 दिसंबर को उपभोक्ता संरक्षण दिवस मनाया जाता है 

आज 2021 के समय में हम सब उपभोक्ताओं को जागरूक होने की जरूरत है क्योंकि बात सिर्फ़ एक दो पैसे कम या ज्यादा देने की नहीं बल्कि मिलावट से खुद को दूर रखने की भी है अगर उपभोक्ता समझदार होगा किसी तरह की मिलावट, जमाखोरी, पर अपनी आवाज देगा तो उसके एक कदम से लोग जागरूक होगें . 

"जन जन का यहीं नारा

उपभोक्ता जागरूक 

समृद्ध देश हमारा

जय हिंद"

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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..