तुम नदी हो
बहना तुम्हारा काम
जमाना क्या कहेगा तुम्हारे
बहने पर
ये फिक्र करना
गेरो का काम है
कहने वाले तो हवा पर भी प्रश्न करते हैं
फिर तुम तो बहती नदी हो
जिसका पानी आज यहाँ
तो कल वहाँ
क्यों अपने वजूद को तुम खोजती दूसरे की चर्चाओं में
तुम तो करो पहल
खुद के सपनों को पूरा करने में
तुम हवा की मुस्कान पर खुश हो जाओं
तुम जहाँ कि बातों पर मत जाओं
दुनियादारी से नहीं लेन देना होता
लहरों को
तुम तो पानी की तरह
खुद के अस्तित्व को बनाने के लिए बह जाओं
एक नयी शुरुआत करो तुम जीवन की
तुम खुद को बनाने में लग जाओं
जब चली हो अपना अस्तित्व बनने
तो फिर जरा से आधी तुफान से तुम मत डरा जाओं
करो़ एक नयी शुरुआत जीवन की
तुम
तुम नदी हो एक बार फिर तुम
पानी
में लहरों के साथ बह जाओं.
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