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श्रेष्ठ जीवन जीने के कुछ नियम जान लो


बहुत पहले मैंने स्वामी विवेकानंद की

एक किताब पढ़ी थी जिसका नाम तो व्यक्तित्व का विकास था किन्तु उसमें मुझे जीवन जीने के कुछ नियम भी मालूम चले कि इस दुनिया में अगर हमें  अच्छे से जीवन व्यतीत करना है तो हमें खुद को न तो ज्यादा शक्तिशाली समझना चाहिए और न ही कमजोर तब ही हम अपना श्रेष्ठ जीवन के प्रति दे पाएंगे, हम जैसा सोचते हैं हम वैसे बन जाते हैं इसलिए हमें कभी खुद को कमजोर नहीं समझना चाहिए, 

एक अच्छा जीवन जीने के लिए जरूरी होता है खुद पर विश्वास करना क्यों कि जो लोग खुद पर विश्वास करते हैं वो ही ईश्वर पर विश्वास कर पाते हैं

 क्यों इस दुनिया में कुछ लोग ही हमेशा के लिए जीवित रहते हैं और क्यों कुछ लोग जीवित होकर भी मृत समान होते हैं इसका कारण उनका खुद पर विश्वास मायने रखता है, अगर हमें कोई चीज पाना है तो हमें उसके लिए लगातार प्रयास करना होगा भले उसमें हमें हजार बार ही असफलता हाथ क्यों न लगे हमें प्रयत्न करते जाना है

तुम कोई भी अच्छा या बुरा काम करते हो तो उसका बोध तुम्हें स्वयं होना चाहिए आज तुम जिस अवस्था में भी हो उसका कारण केवल तुम हो अन्य कोई नहीं अपनी गलती का दोष अन्य पर मत लगाओं, जीवन की कड़वी सच्चाई यहाँ है कि आज तुम जो हो वो तुम्हारे भूतकाल का नतीजा है कल तुम जो होगे वो तुम्हारे आज का नतीजा होगा

आज वर्तमान समय में जब हम थोड़ी सी परेशानी में घबरा जाते हैं उसे खुद का पीछा छुड़ाने लगाते हैं ऐसे में जरूरी है कि हम उस समय धैर्य से काम ले.

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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..