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व्यक्तित्व के विकास से क्या समझते हैं हम


व्यक्तित्व के विकास का मतलब  आपके चरित्र का निर्माण किस तरह से हुआ है सामान्य परिस्थितियों के मुकाबले बुरी परिस्थितियों में कैसे आप उसे सुलझाते हो  

व्यक्तित्व के विकास का पैमाना इसे नापा जाता है कि वो अपने काम के सलीके से किसी व्यक्ति को किस तरह से प्रभावित करता है साथ ही उसकी करनी और कथनी में किस तरह की  है

 व्यक्तित्व का विकास

जिससे हम अक्सर समझने में भूल कर देते हैं हम ज्यादा तर यहीं सोचते हैं कि व्यक्तित्व के विकास का मतलब हमारा शारिरिक विकास है जबकि इसका मतलब  हमारे चरित्र के निर्माण से है कि हम किस परिस्थितियों में कैसा व्यवहार करते हैं.

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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..