पढ़ाई का बोझ हो आगे जाने की जल्दी कक्षा में प्रथम आने का हो या जिंदगी में कुछ बड़ा करने की जिद्द हमेशा जीवन में काम क्या आता है ?
भले तारीफ याद न हो किसी की किन्तु उसकी डाट हमेशा साथ रहती है किसी के द्वारा की गयी प्रशंसा याद न हो किन्तु उसकी आलोचना याद होती है
जिंदगी में भले तुम्हारी तारीफ करने वाले काम न आए किन्तु डाटने वाले व्यक्ति की बात जरूर याद होती है
जो हर हाल में हमें जिंदगी में कुछ करने की वजह दे जाती है
क्यों न एक बार फिर हम अपने को आगे रखकर कोई ऐसा निर्णय ले जो हमारे भविष्य के लिए बना है जिसके लिए हमने कभी सपने देखे थे क्यों न लोगों की बात को यादकर खुद को सुधारे जिन्होंने हमेशा हमारी सच्चाई को बयां करते हुए हमारी गलतियां बतायी थी
खुद को एक बार करें कहीं प्रस्तुत जिसके ख्वाब हमने आंखों में सजाए थे क्यों न एक बार फिर हम निकले कड़कती धूप में खुद के सपनों को पूरा करने के लिए जिसके लिए हमने कभी कभी क ई नींद बिना सोए गवाई थी
क्यों न एक बार फिर करें खुद से ये वाद कि खुद के सपनों को पूरा करने के लिए एक आग हमने भी अपने दिल में जगाई है जिसे पूरा करने के लिए जिंदगी के हर दर्द को हम सहने को तैयार है.
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