हम तो समझदार है


आज जहाँ एक ओर हम तकनीक से ज्यादा नजदीक आए हैं वहीं दूसरी ओर एक पीढ़ी जिस उम्र में शारीरिक और मानसिक श्रम करती है वो फोन और लेपटॉप की लत्त का शिकार सी हो गयी है जहाँ वो हद से ज्यादा फोन और लेपटॉप का उपयोग कर रहे हैं

फिर चाहे छोटे बच्चे ही क्यों नहो जिनको कभी उनके माता पिता ने फोन इसलिए पकड़या कि वो उन्हें अपने काम करने दे और कुछ देर उन्हें खाली छोड़ किन्तु उन के इस खालीपन के कारण आज बच्चे माता पिता से ज्यादा फोन के करीब आ गए हैं.

आज हम सब को एक बार अपनी इस छोटी सी पीढी पर भी ध्यान देने की जरूरत है  जिससे हमारा ध्यान हट गया है.

हम तकनीक के साथ बच्चों को जोड़े ये बहुत सकरात्मक पहल है किन्तु इस बीच हम उन्हें अधिक से ज्यादा इसका उपयोग करने को छोड़ दे ये कही न कही उनके स्वास्थ्य के लिए खराब है.

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