Skip to main content

नौ वन किल्ड जसिका



"नौ  

वन किल्ड जसिका मूवी की कहानी सत्य घटना पर आधारित है जो जसिका मार्डर केस के नाम से जानी जाती है जिसे इंसाफ दिलाने में मीडिया की अहम भूमिका रही थी"

इस मूवी की कहानी

एक मॉडल और मैनेजर जसिका

 के हत्याकांड से जुड़ी हुई है जिसके न्याय के लिए उसकी बहन समरिन ( विद्या बालन) कोट जाती है 

और अपनी बहन के इंसाफ के लिए न्याय का दरवाजा खटखटाती है

क्योंकि जिसने उसका कत्ल किया है वो एक नेता का बेटा है इसलिए वो जेल से कोट तक की पेशी में बेगुनाह साबित होकर लौट जाता है जिसका कारण इसके गवाहों का

कोट के सामने झूठ बोलना होता है

और फिर पूरे 4 साल बाद आरोपी जेल से बारी हो जाता है तब टाईम आफ इंडिया की खबर एक न्यूज चैनल की एंकर मीरा ( रानी मुखर्जी) को इतना ज्यादा प्रभावित करती है कि वो 'जस्टिस फार जसिका' के लिए स्टोरी कवरेज करती है जिसमें उसकी मदद एक पुलिस वाला भी करता है

और अखिरकार इस चैनल की गयी छोटी सी कोशिश जसिका को न्याय दिलाती है

इस मूवी की कहानी आम जनता की सुरक्षा, राजनीति, पैसे और पद और जर्नलिज्म की ताकत को बताती है.

इसके गाने कही हम रोने को मजबूर करते हैं तो कही हमारे अपने हक के लिए लड़ाई करने को मजबूर करते है

Comments

Popular posts from this blog

Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..