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अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस


मातृभाषा जो कि माँ द्वारा बोली गयी भाषा होती है एक बच्चा जब पैदा होता तो वो जब सबसे पहले कोई शब्द बोलता है तो मां हो ये जरूरी नहीं किन्तु वो मातृभाषा का शब्द ही होता है 

आज अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस है जिसका का उद्देश्य विश्व में भाषाई और सांस्कृतिक विविधता और बहुभाषिता को बढ़ावा देना जिसके मनाने की घोषणा यूनिस्को ने की थी

बता दे कि 

ढाका यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों और सामाजिक कार्यकर्ता ने अपनी भाषा बांग्ला को बचाने के लिए 21 फरवरी  1952 को आंदोलन किया जिसमें कुछ आंदोलनकारी शहीद हो ग ए थे.

उसके पश्चात सन् 1999 में यूनिस्को ने 21 फरवरी को अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस मनाने की घोषणा की थी

वर्तमान समय में बच्चे को सबसे पहले अगर कोई भाषा सीखने की जरूरत है तो वो मातृभाषा है जिसे वो बचपन से ही सुनता आता है जिसका शब्द उसे शब्दकोश में ढूंढने की जरूरत नहीं होती हैं

क ई रिसर्च में ये बात सामने आयी है कि बच्चे अन्य भाषा की तुलना में मातृभाषा में किसी चीज को बेहतर ढंग से समझते हैं

भारत में पूरे 34 साल बाद नयी शिक्षा नीति लायी जा रही है जिसकी सबसे अच्छी बात कुछ है तो वो ये है कि मातृभाषा को बढ़ावा दे रही है जिसमें बच्चे शुरूआती कक्षा में अपनी मातृभाषा में पढ़ाई करेगें.

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