20 फरवरी को सामजिक न्याय दिवस है जिससे मनाने का मुख्य उद्देश्य समाज में फैली असमानता को दूर करना है
वैसे तो समाज में अनेक तरह की असमानता मौजूद है जिसमें व्यक्ति जाति,धर्म और भाषा बोलीं में विभाजित है परंतु आज अगर किसी समानता को सबसे ज्यादा खत्म करने की जरूरत है तो वो है महिला के लिए समाज में व्याप्त रूढ़िवादी सोच और अंधविश्वास है
कहने को तो अमेरिका जैसे देश में पहली महिला उपराष्ट्रपति एक महिला बनी है पर आज महिलाओं को संघर्ष उतना ही करना पड़ा रहा है जितना की कल था आज भारत में महिला वायुसेना से लेकर रक्षामंत्री और वितमंत्री की भूमिका भी निभा रही है किन्तु जमीनी स्तर पर आज भी उन्हें बहुत तरह असमानता झेलनी पड़ रही है जरूरत है कि आज उनके लिए
समानता की बात की जाएं जहाँ महिलाओं को निराशा झेलनी पड़ती है बात सामान्य पद की हो या वेतन की.
आज अगर देश की महिलाओं को खुद के लिए समानता का हक चाहिए तो उन्हें खुद आगे आना होगा और अपने हक के लिए लड़ना होगा अपना हक लेना होगा.

Comments