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हक मांगने से मिलता है



20 फरवरी को सामजिक न्याय दिवस है जिससे मनाने का मुख्य उद्देश्य समाज में फैली असमानता को दूर करना है 

वैसे तो समाज में अनेक तरह की असमानता मौजूद है जिसमें व्यक्ति जाति,धर्म और भाषा बोलीं में विभाजित है परंतु आज अगर किसी समानता को सबसे ज्यादा खत्म करने की जरूरत है तो वो है महिला के लिए समाज में व्याप्त रूढ़िवादी सोच और अंधविश्वास है 

 कहने को तो अमेरिका जैसे देश में पहली महिला उपराष्ट्रपति एक महिला बनी है पर  आज महिलाओं को संघर्ष उतना ही करना पड़ा रहा है जितना की कल था आज भारत में महिला वायुसेना से लेकर रक्षामंत्री और वितमंत्री की भूमिका भी निभा रही है किन्तु जमीनी स्तर पर आज भी उन्हें बहुत तरह असमानता झेलनी पड़ रही है जरूरत है कि आज उनके लिए  

 समानता की बात की जाएं  जहाँ महिलाओं को  निराशा  झेलनी पड़ती है बात सामान्य पद की हो या वेतन की.

आज अगर देश की महिलाओं को खुद के लिए समानता का हक चाहिए तो उन्हें खुद आगे आना होगा और अपने हक के लिए लड़ना होगा अपना हक लेना होगा.



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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..