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चाह नहीं


जब व्यक्ति के लिए स्वर्ग की कोई कामना नहीं रह जाती तो तब वो 

लिखता है

' मुझे तोड़ लेना वनमाली 

उस पथ पर देना फेंक

  मातृभूमि पर शीर्ष चढ़ाने 

जिस पर जाते वीर अनेक'

माखनलाल चतुर्वेदी की ये कविता को आज पूरे 100 साल हो ग ए जिसे आज एक फिर कालजयी बनाने की कोशिश की जा रही है जो कि सराहनीय कार्य हो सकता है अगर हम संघर्ष करने को तैयार हो खुद के जीवन को साधारण रखकर अपने ख्वाब को आगे रखे " कहते हैं कि आसमान में वही चीज उड़ती है जो हल्की होती है " क्या आज हम तैयार है एक ऐसी जिंदगी को लेकर जहाँ केवल कष्ट हो भारतीय महाकाव्य में रामचरितमानस में एक जगह बड़ा अच्छा संवाद होता है जहाँ राम सीता को अपने साथ इसलिए वनवास नहीं ले जाना चाहते क्योंकि वो जनक की बेटी है जिसने कभी कांटों पर पांव नहीं रखा ,

किन्तु सीता राम के साथ जब वनवास गयी तो वो एक रानी यहाँ अयोध्या की पुत्र वधू नहीं बल्कि राम की धर्म पत्नी बनकर गयी.

अनेक कष्ट के बावजूद उन्हें वनवास में अपना समय बिताया.

तुलसीदास ने रामचरितमानस लिखते हुए राम को भगवान माना किन्तु सीता को उन्हें एक सामान्य इंसान की तरह रखा जहाँ उन्होंने सामान्य प्राणी की तरह जीवन व्यतीत किया.

आज हर किसी की इच्छा धन कमाने की हो, प्रसिद्धि कमाने की हो फिर भी एक उनकी ऐसी कामना जरूरी है जो उनको वास्तविक जीवन से परिचित कराएं जो बताए कि धन, दौलत, वैभव की कामना तो हर किसी की रहती है किन्तु कुछ ऐसा करने की कामना बहुत कम ही लोगों की रहती है जो इच्छा न होकर मातृभूमि के प्रति प्रेम को दर्शाता हो.

चाह नहीं जिंदगी में 

चमकते सितारें की तरह चमके हम 

अपनी कामनाएं लेकर

चाह तो है मातृभूमि के प्रेम 

को दिल में रखने की.

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Today Thought

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हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..